menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
chevron_left
कवन्धैः
arrow_drop_down
क
कः
कक्षगतो
कङ्कवर्हिणवाजितैः
कच्चित्
कच्चित्स
कच्चिद्दुर्योधनो
कच्चिन्न
कञ्चिदत्यर्थमपराधमरिन्दम
कठिनं
कतमं
कथं
कथं
कथं
कथं
कथं
कथं
कथं
कथं
कथं
कथं
कथञ्चन
कथञ्चन
कथञ्चन
कथमन्वास्यते
कथमुत्सृष्टवान्देहं
कथम्
कथाभिः
कथितं
कथितो
कथय़तामेव
कथय़ामास
कदनं
कदा
कदाचन
कदाचिदपि
कनकतालाभः
कनीय़ानपि
कन्या
कन्यां
कन्यामथैनं
कन्यैव
कपिलं
कपोतरोमा
कमलेक्षणा
कम्पय़ित्वा
करप्रदाः
करहाटकम्
करिष्यति
करिष्यन्ति
करिष्यामि
करुणं
करैः
करोति;
करोम्यहम्
कर्ण
कर्णं
कर्णं
कर्णं
कर्णः
कर्णः
कर्णपुत्रश्च
कर्णमाहवे
कर्णश्च
कर्णस्त्वेको
कर्णस्य
कर्णानीके
कर्णे
कर्णेन
कर्णो
कर्णो
कर्णौ
कर्तव्यः
कर्तव्यौ
कर्ता
कर्तुं
कर्तुं
कर्तुमर्हसि
कर्दमिनीं
कर्म
कर्म
कर्म
कर्म
कर्म
कर्म
कर्मणः
कर्मणा
कर्मणा
कर्मणा
कर्मणामिह
कर्मणोर्द्वय़ोः
कर्मभिः
कर्मवद्धं;
कर्मसु
कर्माणि
कर्माण्यपि
कर्मेन्द्रिय़ाणि
कर्षन्ती
कलशं
कलामष्टादशीं
कलिङ्गैः
कलेवरम्
कल्पाय़ुतशतं
कल्यमुदारवीर्यं;
कल्याणि
कल्याणे
कवचानि
कवन्धैः
कशाप्रहाराभिहतस्ततः
कश्चन
कश्चित्कुतो
कश्चित्सात्यकेरभवत्प्रभो
कश्चिदिति
कश्चिद्युधि
कश्चिन्महामुने
कश्यपश्च
कष्टानि
कस्माच्छोचसि
कस्माद्रोदिषि
कस्मिन्काले
कस्य
कस्यचित्त्वथ
कस्यैष
का
कांस्यदोहनाम्
काको
काङ्क्षे
काञ्चनभूषणाः
काञ्चनापीडा
काद्रवेय़ा
कान्तं
कापुरुषो
कामं
कामः
कामगं
कामद्वेषविवर्जिताः
काममेतद्ददानि
कामश्च
कामात्क्रोधाद्भय़ाल्लोभाद्दैन्यादानार्यकात्तथा
कामान्धर्मज्ञ
कामिनीनाम्
कामो
काम्वोजराजो
कामय़ानय़ा
कारणं
कारणम्
कारणैस्तस्य
कार्त्तिकस्य
कार्पासिकनिवासिनाम्
कार्मुकासिगदाधराः
कार्यं
कार्यं
कार्यः
कार्यमिति
कार्या
कार्याणि
कार्येषु
कार्ष्णिं
कारय़िष्यति
कालं
कालः
कालखञ्जानसुरान्समेतान्
कालधर्ममवाप्य
कालमूलमिदं
कालसम्पक्वाः
कालस्य
कालान्तकवपुः
काले
काले
काले
कालेन
कालेनाद्भुतकर्मणा
कालो
कालोऽय़मागतः
काव्येनोशनसा
काश्चित्प्रहृष्टा
काश्यश्च
काष्ठानां
काय़ाद्धर्तुमैच्छत्पतत्रिवत्
किं
किं
किं
किं
किं
किं
किं
किं
किं
किं
किं
किंलक्षणो
किङ्कुलीनैर्वा
किञ्चन
किञ्चित्कार्यं
किञ्चित्प्ररोहति
किञ्चिदप्रिय़ं
किञ्चिदुवाचैनं
किञ्चिद्विरूपोऽय़ं
किन्दाने
किमन्नाद्येन
किमर्थं
किमस्माकं
किमिदं
किमुताद्य
किरञ्शरशतान्वहून्
किरीटं
किरीटिना
किर्मीरः
किल
किल्विषमात्मना
कीचकः
कीटय़ोनिना
कीर्तिं
कीर्तिताः
कीर्तिर्हि
कीर्तय़न्ति
कुचेलमसहाय़ता
कुञ्जरानश्वान्पदातींश्चावमर्दितान्
कुडवं
कुण्डलिनो
कुण्डिकां
कुतः
कुतो
कुथाः
कुन्ती
कुन्तीपुत्रं
कुन्तीपुत्रो
कुन्त्या
कुपितो
कुमारमवहन्रणे
कुमारैः
कुम्भेषु
कुरवः
कुरवो
कुरु
कुरु
कुरुकुलोद्वहः
कुरुजाङ्गलम्
कुरुते
कुरुधनानि
कुरुनन्दन
कुरुपाण्डवसेनय़ोः
कुरुपुङ्गवाः
कुरुभिर्हि
कुरुराजोऽपि
कुरुशार्दूल
कुरुषु
कुरुसंसदि
कुरुसेनामहारथैः
कुरूणां
कुरूणां;
कुरूद्वह
कुरून्सर्वानभिय़ातो
कुर्यात्किं
कुर्याद्यथा
कुर्युर्न
कुर्वते
कुर्वन्ति
कुर्वन्वसेत्सदा
कुर्वाणो
कुलं
कुलजौ
कुलवंशस्य
कुलाङ्गारः
कुले
कुले
कुवुद्धय़ः
कुशलं
कुशला
कुशलो
कुशेष्वथ
कूटशाल्मलिना
कूर्मस्त्रिय़ोजनोत्सेधो
कृच्छ्रां
कृतं
कृतं
कृतं
कृतः
कृतकामः
कृतघ्न;
कृतदारः
कृतप्रतिकृतं
कृतमुग्रेण
कृतम्
कृतवन्तस्ते
कृतवर्मा
कृतवर्माणमष्टभिः
कृतवान्पाण्डवैः
कृतवैरौ
कृतहस्तताम्
कृताः
कृताञ्जलिपुटाः
कृतानि
कृतार्थो
कृतास्त्रो
कृते
कृते
कृतोत्साहा
कृत्यं
कृत्ये
कृत्वा
कृत्वा
कृत्वा
कृत्वा
कृत्वा
कृत्वा
कृत्वा
कृत्वा
कृत्वानाथान्परो
कृत्स्नं
कृत्स्नस्तु
कृत्स्नान्सर्वानभिप्राय़ान्प्राप्स्यामः
कृथाः
कृपं
कृपणं
कृपणो
कृपश्चैव
कृपाय़ेत
कृमिकीटविहङ्गमाः
कृशभृत्यं
कृषिभागी
कृष्ण
कृष्ण
कृष्णं
कृष्णः
कृष्णद्वैपाय़नोऽव्रवीत्
कृष्णमाराधय़
कृष्णसहाय़ेन
कृष्णस्य
कृष्णा
कृष्णाकटाक्षेण
कृष्णार्जुनाभ्यां
कृष्णे
कृष्णेन
कृष्णो
कृष्णय़ा
के
केकय़स्य
केकय़ैरपि
केचित्तान्युनक्ति
केचिदार्तस्वरं
केचिद्विसूता
केतुं
केन
केन
केनापि
केवलमर्त्यो
केवलीभूतः
केशव
केशवः
केशवश्चार्जुनश्च
केशवे
केशान्सुशुभान्भूषणान्यवमुच्य
केसरिणः
कैतव्यो
को
को
को
कोटीर्दश
कोपस्तव
कोल्लगिरिं
कोशे
कोऽन्यो
कौतूहलं
कौन्तेय़
कौन्तेय़
कौन्तेय़
कौन्तेय़ः
कौन्तेय़ानामनुलोमौ
कौन्तेय़ो
कौरव
कौरवनन्दनाः
कौरवाः
कौरवाणाम्
कौरवेन्द्रो
कौरव्य
कौरव्य
कौरव्यममितौजसम्
कौवेरं
कौश्यं
क्रतुना
क्रतुय़ाजिनाम्
क्रमेण
क्राथः
क्रिय़तामिति
क्रिय़ा
क्रिय़ामन्त्रैश्च
क्रीडनकैरिव
क्रुद्धं
क्रुद्धः
क्रुद्धः
क्रुद्धस्य
क्रुद्धान्संशमय़न्ति
क्रुद्धो
क्रुद्धो
क्रुद्धोऽनुपश्यति
क्रूरः
क्रूरे
क्रोधः
क्रोधमूर्छितः
क्रोधश्च
क्रोधाच्छालस्कन्धममित्रजित्
क्रोधिते
क्रोशतीनाम्
क्रौञ्चस्तेन
क्लिश्यमानाश्च
क्लेशभय़ावृतम्
क्व
क्व
क्वचित्
क्वचित्क्वचिदलङ्कृतम्
क्षणम्
क्षणेनाथ
क्षत्तर्धृतराष्ट्रोऽम्विकासुतः
क्षत्रं
क्षत्रधर्ममनुस्मर
क्षत्रधर्मेण
क्षत्रादेवं
क्षत्रिय़मर्दनः
क्षत्रिय़स्य
क्षत्रिय़ा
क्षत्रिय़ाणां
क्षत्रिय़ाश्च
क्षत्रिय़ो
क्षन्तव्यं
क्षम
क्षमा
क्षमावन्तो
क्षरं
क्षात्रे
क्षिताविह
क्षितौ
क्षिप्यन्ते
क्षिप्रं
क्षिप्रं
क्षिप्रमिहात्यगाद्वै
क्षीणमांसैर्विरुधिरैर्विमज्जान्त्रैर्विसन्धिभिः
क्षीरविक्रय़िकाश्चैव
क्षुत्पिपासाश्रमान्वितः
क्षुद्रमृगा
क्षुधाम्
क्षुरनेमिनाद्य;
क्षुरेण
क्षेत्रज्ञः
क्षेत्रे
क्षेमधूर्तिः
क्षौमसंवृताम्
क्षय़ः
क्षय़ोदय़ः
कवन्धैः
भीष्म पर्व
अध्याय २
२० ख
visibility
कवन्धैः
द्रोण पर्व
अध्याय ९५
४१ ख
visibility
कवन्धैः
कर्ण पर्व
अध्याय १४
४२ क
visibility
कवन्धैः
मौसल पर्व
अध्याय १
४ ख
visibility
कवन्धैः
मौसल पर्व
अध्याय ३
११ ख
visibility
कवन्धैरुत्थितैश्छिन्नैर्नृत्यद्भिश्चापरैर्युधि
शल्य पर्व
अध्याय २७
१३ क
visibility
कवन्धैर्घोरदर्शनैः
शल्य पर्व
अध्याय ५७
५३ क
visibility
कवन्धोऽत्र
शान्ति पर्व
अध्याय ९९
२४ क
visibility
कवषो
शान्ति पर्व
अध्याय २०१
२९ क
visibility
कवाटे
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
७० क
visibility
कविं
भीष्म पर्व
अध्याय ३०
९ क
visibility
कविं
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
३३ ख
visibility
कविं
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
४४ ख
visibility
कविः
आदि पर्व
अध्याय १३५
९ ख
visibility
कविः
सभा पर्व
अध्याय ५६
४ क
visibility
कविः
वन पर्व
अध्याय १३३
२१ ख
visibility
कविः
वन पर्व
अध्याय २०९
२० ख
visibility
कविः
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
८१ ख
visibility
कविः
उद्योग पर्व
अध्याय १२८
९ ख
visibility
कविः
भीष्म पर्व
अध्याय ३२
३७ ख
visibility
कविः
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
५ ख
visibility
कविः
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
७६ क
visibility
कविः
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
४१ क
visibility
कविः
अनुशासन पर्व
अध्याय १३८
८ क
visibility
कविपुत्राय़
शान्ति पर्व
अध्याय ४९
७ ख
visibility
कविपुत्रेण
आदि पर्व
अध्याय ७१
२० ख
visibility
कविभिः
आदि पर्व
अध्याय ९६
१० ख
visibility
कविभिः
वन पर्व
अध्याय २१९
१४ ख
visibility
कविभिः
शान्ति पर्व
अध्याय ८
२६ ख
visibility
कविभिः
शान्ति पर्व
अध्याय १४०
३ ख
visibility
कविभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २३५
२ क
visibility
कविभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २५२
१३ ख
visibility
कविभिः
शान्ति पर्व
अध्याय २५२
२० क
visibility
कविभिरभिप्रथय़द्भिरात्मकीर्तिम्
शान्ति पर्व
अध्याय १७२
३५ क
visibility
कविभिर्दोषदर्शिभिः
उद्योग पर्व
अध्याय ७५
७ क
visibility
कविभिर्निरुक्तः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२२
८ ख
visibility
कविमर्थेष्वमूढं;
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
१७ क
visibility
कविम्
आदि पर्व
अध्याय ७१
१३ क
visibility
कविम्
सभा पर्व
अध्याय २८
२० क
visibility
कविम्
शान्ति पर्व
अध्याय १६८
२२ क
visibility
कविरास्ते
उद्योग पर्व
अध्याय ४५
२४ ख
visibility
कविरित्यपरोऽभवत्
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
१६ क
visibility
कविर्यवक्रीतो
वन पर्व
अध्याय १३५
९ ख
visibility
कविर्विद्वाञ्शुक्रः
आदि पर्व
अध्याय ६०
४० ख
visibility
कविवरैराख्यानमुपजीव्यते
आदि पर्व
अध्याय २
२४१ क
visibility
कविवुद्धय़ः
आदि पर्व
अध्याय २
२३७ क
visibility
कविश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
४ क
visibility
कविसत्तमैः
आदि पर्व
अध्याय १
१८२ क
visibility
कविसुता
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
४२ क
visibility
कविसुतो
आदि पर्व
अध्याय ६०
४० ख
visibility
कवीनामुशना
भीष्म पर्व
अध्याय ३२
३७ ख
visibility
कवीनाम्
उद्योग पर्व
अध्याय ४२
४ क
visibility
कवीन्द्रं
अनुशासन पर्व
अध्याय १०१
१४ क
visibility
कवीन्द्रो
भीष्म पर्व
अध्याय ४
१ क
visibility
कवे
आदि पर्व
अध्याय ५
२३ ख
visibility
कवे
आदि पर्व
अध्याय ९९
२८ क
visibility
कवे
सभा पर्व
अध्याय ५२
१५ क
visibility
कवे
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
३ ख
visibility
कवेः
आदि पर्व
अध्याय १३५
८ ख
visibility
कवेः
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
४० क
visibility
कवेर्विप्र
आदि पर्व
अध्याय ५३
२६ ख
visibility
कवेश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
४३ क
visibility
कव्यं
आदि पर्व
अध्याय २२०
२८ ख
visibility
कव्यं
वन पर्व
अध्याय २२०
५ क
visibility
कव्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ६३
६ ख
visibility
कव्यं
शान्ति पर्व
अध्याय २३५
८ ग
visibility
कव्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ३२६
५६ ख
visibility
कव्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
४९ ख
visibility
कव्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय २३
३ ख
visibility
कव्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय ४७
३२ ख
visibility
कव्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७६
३३ क
visibility
कव्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय ८२
१८ ख
visibility
कव्यपदे
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
३४ ख
visibility
कव्यप्रदाने
अनुशासन पर्व
अध्याय २३
५ ख
visibility
कव्यमेतच्छ्रुत्वा
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
३७ ख
visibility
कव्यानि
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
३३ ख
visibility
कव्यानि
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
४४ क
visibility
कव्ये
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
५० ग
visibility
कव्यैश्च
उद्योग पर्व
अध्याय १५
२ क
visibility
कवय़ः
आदि पर्व
अध्याय १
२४ क
visibility
कवय़ः
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
१६ क
visibility
कवय़ः
शान्ति पर्व
अध्याय १९
१६ क
visibility
कवय़ः
शान्ति पर्व
अध्याय १५५
१ क
visibility
कवय़ः
शान्ति पर्व
अध्याय २५४
२७ ख
visibility
कवय़स्त्वामाहुस्त्रिविधं
आदि पर्व
अध्याय २२०
२३ क
visibility
कवय़स्त्वामाहुस्त्रिविधं
उद्योग पर्व
अध्याय १६
२ क
visibility
कवय़ो
आदि पर्व
अध्याय ६८
३६ ख
visibility
कवय़ो
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
२ क
visibility
कवय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय १०
६ क
visibility
कवय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय १२८
१६ क
visibility
कवय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
२८ क
visibility
कवय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय २५१
३ ख
visibility
कवय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय २६७
१२ ख
visibility
कवय़ो
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३५
१६ ख
visibility
कवय़ोऽप्यत्र
भीष्म पर्व
अध्याय २६
१६ क
visibility
कशाः
कर्ण पर्व
अध्याय १४
४७ ख
visibility
कशाग्रदण्डाभिहता
आदि पर्व
अध्याय १६५
३३ क
visibility
कशादण्डप्रतिहता
आदि पर्व
अध्याय १६५
२२ क
visibility
कशानां
भीष्म पर्व
अध्याय ५१
३२ क
visibility
कशापार्ष्ण्यभिघातैश्च
द्रोण पर्व
अध्याय ६४
५८ ख
visibility