उद्योग पर्व  अध्याय ९८

नारद उवाच

दंष्ट्रिणो भीमरूपाश्च निवसन्त्यात्मरक्षिणः |  ६   क
माय़ावीर्योपसम्पन्ना निवसन्त्यात्मरक्षिणः ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति