menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
वामदेव उवाच
एवमेव गुणैर्युक्तो यो न रज्यति भूमिपम् |  १५   क
भर्तुरर्थेष्वसूय़न्तं न तं युञ्जीत कर्मणि ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति