menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ९०
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
एकान्तेन हि सर्वेषां न शक्यं तात रोचितुम् |  १८   क
मित्रामित्रमथो मध्यं सर्वभूतेषु भारत ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति