menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मद्रराजं महेष्वासं परिवार्य समन्ततः |  ५३   क
स्थिता राजन्महासेना योद्धुकामाः समन्ततः ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति