menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ९
chevron_left
chevron_right
शल्य उवाच
जहृषुश्च सुराः सर्वे दृष्ट्वा शक्रं विनिःसृतम् |  ४९   क
ततः प्रववृते युद्धं वृत्रवासवय़ोः पुनः |  ४९   ख
संरव्धय़ोस्तदा घोरं सुचिरं भरतर्षभ ||  ४९   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति