menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
नदीं प्रवर्तय़ामास रक्षोगणसमाकुलाम् |  ३०   क
वहन्तीं वहुधा राजंश्चेदिपाञ्चालसृञ्जय़ान् ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति