मौसल पर्व  अध्याय ७

वसुदेव उवाच

योऽहं तमर्जुनं विद्धि योऽर्जुनः सोऽहमेव तु |  १५   क
यद्व्रूय़ात्तत्तथा कार्यमिति वुध्यस्व माधव ||  १५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति