menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
महाप्राज्ञः सोमको यज्ञसेनः; कन्यां पाञ्चालीं पाण्डवेभ्यः प्रदाय़ |  १०   क
अकार्षीद्वै दुष्कृतं नेह सन्ति; क्लीवाः पार्थाः पतय़ो याज्ञसेन्याः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति