menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यद्द्रौपदीमेकवस्त्रां सभाय़ा; मानाय़्य त्वं चैव सुय़ोधनश्च |  २   क
दुःशासनः शकुनिः सौवलश्च; न ते कर्ण प्रत्यभात्तत्र धर्मः ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति