menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ६७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
ततो महीं परिय़यौ पर्जन्य इव वृष्टिमान् |  ३१   क
शमय़न्सर्वतः पापान्स्वकर्मसु च योजय़न् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति