menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ६४
chevron_left
chevron_right
इन्द्र उवाच
असैनिकोऽधर्मपरश्चरेथाः; परां गतिं लप्स्यसे चाप्रमत्तः |  २०   क
क्षात्रो धर्मो ह्यादिदेवात्प्रवृत्तः; पश्चादन्ये शेषभूताश्च धर्माः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति