menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शकटस्य तु राजेन्द्र भारद्वाजो मुखे स्थितः |  २८   क
अनु तस्याभवद्भोजो जुगोपैनं ततः स्वय़म् ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति