menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
इदानीं तु विशीर्णोऽय़ं दग्धो व्रह्मास्त्रतेजसा |  १९   क
मय़ा विमुक्तः कौन्तेय़ त्वय़्यद्य कृतकर्मणि ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति