अनुशासन पर्व  अध्याय ६१

भीष्म उवाच

ओषधीः क्षीरसम्पन्ना नगान्पुष्पफलान्वितान् |  ६९   क
काननोपलशैलांश्च ददाति वसुधां ददत् ||  ६९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति