menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
चरंश्च विविधान्मार्गान्मण्डलानि च भारत |  १५   क
अशोभत तदा वीरो भूय़ एव वृकोदरः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति