menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो भुजाभ्यां वलवद्विकृष्य; चित्रं धनुर्गाण्डिवमप्रमेय़म् |  ११०   क
माहेन्द्रमस्त्रं विधिवत्सुघोरं; प्रादुश्चकाराद्भुतमन्तरिक्षे ||  ११०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति