menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
मधु वै माध्विको लव्ध्वा प्रपातं नाववुध्यते |  ४   क
आरुह्य तं मज्जति वा पतनं वाधिगच्छति ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति