menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५२
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
चतुर्विधं प्रजाजालं संय़ुक्तो ज्ञानचक्षुषा |  २१   क
भीष्म द्रक्ष्यसि तत्त्वेन जले मीन इवामले ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति