menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कर्णेन मे महावाहो सर्वसैन्यस्य पश्यतः |  १५   क
कवचं च ध्वजश्चैव धनुः शक्तिर्हय़ा गदा |  १५   ख
शरैः कृत्ता महेष्वास यतमानस्य संय़ुगे ||  १५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति