अनुशासन पर्व  अध्याय ५०

भीष्म उवाच

पुरा महर्षिश्च्यवनो भार्गवो भरतर्षभ |  ३   क
उदवासकृतारम्भो वभूव सुमहाव्रतः ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति