menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
मौसल पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः समासाद्य महानुभावः; कृष्णस्तदा दारुकमन्वशासत् |  २   क
गत्वा कुरूञ्शीघ्रमिमं महान्तं; पार्थाय़ शंसस्व वधं यदूनाम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति