menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
भीमार्जुनौ पुरोधाय़ यदा तौ रणमूर्धनि |  ४   क
स्थास्येते सिंहविक्रान्तावश्विनाविव दुःसहौ |  ४   ख
न शेषमिह पश्यामि तदा सैन्यस्य सञ्जय़ ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति