menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
युधिष्ठिरस्तु नृपतिर्नातिप्रीतमनास्तदा |  २७   क
धारय़ामास तद्राज्यं निहतज्ञातिवान्धवः ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति