menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अप्सुजाता च गोपाली वृहदम्वालिका तथा |  ४   क
जय़ावती मालतिका ध्रुवरत्ना भय़ङ्करी ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति