menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
सनत्सुजात उवाच
गुरुं शिष्यो नित्यमभिमन्यमानः; स्वाध्याय़मिच्छेच्छुचिरप्रमत्तः |  ८   क
मानं न कुर्यान्न दधीत रोष; मेष प्रथमो व्रह्मचर्यस्य पादः ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति