menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
सावित्री सर्वविद्यानां देवतानां प्रजापतिः |  ५   क
ओङ्कारः सर्ववेदानां वचसां प्राण एव च |  ५   ख
यद्यस्मिन्निय़तं लोके सर्वं सावित्रमुच्यते ||  ५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति