आदि पर्व  अध्याय ४३

सूत उवाच

एवमुक्त्वा स धर्मात्मा जरत्कारुर्महानृषिः |  ३९   क
उग्राय़ तपसे भूय़ो जगाम कृतनिश्चय़ः ||  ३९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति