अनुशासन पर्व  अध्याय ३९

युधिष्ठिर उवाच

इमे वै मानवा लोके स्त्रीषु सज्जन्त्यभीक्ष्णशः |  १   क
मोहेन परमाविष्टा दैवादिष्टेन पार्थिव |  १   ख
स्त्रिय़श्च पुरुषेष्वेव प्रत्यक्षं लोकसाक्षिकम् ||  १   ग
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति