menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
यथा प्रव्रजितो भिक्षुर्गृहस्थः स्वगृहे वसेत् |  २८   क
एवंवृत्तः प्रिय़ैर्दारैः संवसन्धर्ममाप्नुय़ात् ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति