menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवं स वित्तं प्रददौ महात्मा; सरस्वतीतीर्थवरेषु भूरि |  ३२   क
यय़ौ क्रमेणाप्रतिमप्रभाव; स्ततः कुरुक्षेत्रमुदारवृत्तः ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति