menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवं स राजा धर्मात्मा परीत्याश्रममण्डलम् |  १५   क
वसु विश्राण्य तत्सर्वं पुनराय़ान्महीपतिः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति