menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
तेभ्यो धन्यतरश्चैव नारदः परमेष्ठिजः |  १३   क
न चाल्पतेजसमृषिं वेद्मि नारदमव्ययम् |  १३   ख
श्वेतद्वीपं समासाद्य येन दृष्टः स्वय़ं हरिः ||  १३   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति