menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३२८
chevron_left
chevron_right
श्रीभगवानु उवाच
पूर्वागतोऽहं वरद नार्हस्यम्वां प्रवाधितुम् |  ४६   क
एतद्वृहस्पतिः श्रुत्वा चुक्रोध च शशाप च ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति