menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इतः सर्वेऽपि गच्छामः शरणं लोकसाक्षिणम् |  ३८   क
महापुरुषमव्यक्तं स नो वक्ष्यति यद्धितम् ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति