menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
एवमेकतवाक्येन द्वितत्रितमतेन च |  ५४   क
अनुनीतः सदस्यैश्च वृहस्पतिरुदारधीः |  ५४   ख
समानीय़ ततो यज्ञं दैवतं समपूजय़त् ||  ५४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति