menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मनसश्चाप्यभिप्रेतं यत्ते शत्रुनिवर्हण |  ४३   क
तत्तेऽहं सम्प्रदास्यामि सर्वमर्हति नो भवान् ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति