menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
प्रतिनन्दाम ते वाक्यं सर्वं चैव विशां पते |  ४१   क
एतेनैव प्रतीताः स्मो यत्त्वं मुक्तोऽद्य शत्रुभिः ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति