menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
अन्योन्यस्य स आख्येय़ इति तद्वै मृषा कृतम् |  २०   क
भवता वचनं व्रह्मंस्तस्मादेतद्वदाम्यहम् ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति