आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

य ऐरावतराजानः सर्पाः समितिशोभनाः |  १३९   क
वर्षन्त इव जीमूताः सविद्युत्पवनेरिताः ||  १३९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति