menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९५
chevron_left
chevron_right
वसिष्ठ उवाच
अक्षरत्वं निय़च्छेत त्यक्त्वा क्षरमनामय़म् |  ३९   क
अव्यक्तं व्यक्तधर्माणं सगुणं निर्गुणं तथा |  ३९   ख
निर्गुणं प्रथमं दृष्ट्वा तादृग्भवति मैथिल ||  ३९   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति