menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९२
chevron_left
chevron_right
वसिष्ठ उवाच
निरय़ाच्चापि मानुष्यं कालेनैष्याम्यहं पुनः |  ३६   क
मनुष्यत्वाच्च देवत्वं देवत्वात्पौरुषं पुनः |  ३६   ख
मनुष्यत्वाच्च निरय़ं पर्याय़ेणोपगच्छति ||  ३६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति