menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अवोचस्त्वं पाण्डवार्थेऽप्रिय़ाणि; प्रधर्षय़न्मां मूढवत्पापकर्मन् |  २१   क
मय़्यार्जवे जिह्मगतिर्हतस्त्वं; मित्रद्रोही सप्तपदं हि मित्रम् ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति