menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८६
chevron_left
chevron_right
कर्ण उवाच
भूय़श्च शिरसा याचे प्रसाद्य च पुनः पुनः |  ५   क
इति व्रवीमि तिग्मांशो त्वं तु मे क्षन्तुमर्हसि ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति