शान्ति पर्व  अध्याय २८६

भीष्म उवाच

एवद्वै सर्वमाख्यातं मुनिना सुमहात्मना |  ४१   क
विदेहराजाय़ पुरा श्रेय़सोऽर्थे नराधिप ||  ४१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति