आदि पर्व  अध्याय २७

सूत उवाच

एवमुक्ताः कश्यपेन वालखिल्यास्तपोधनाः |  २१   क
प्रत्यूचुरभिसम्पूज्य मुनिश्रेष्ठं प्रजापतिम् ||  २१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति