आदि पर्व  अध्याय २७

सूत उवाच

जुहुवुस्ते सुतपसो विधिवज्जातवेदसम् |  १२   क
मन्त्रैरुच्चावचैर्विप्रा येन कामेन तच्छृणु ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति