menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २६५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
एवं भवति पापात्मा धर्मात्मानं तु मे शृणु |  १२   क
यथा कुशलधर्मा स कुशलं प्रतिपद्यते ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति