menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
सीते वक्ष्यामि ते किञ्चिद्विश्वासं कुरु मे सखि |  ५४   क
भय़ं ते व्येतु वामोरु शृणु चेदं वचो मम ||  ५४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति