menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २६०
chevron_left
chevron_right
कपिल उवाच
यद्यत्र किञ्चित्प्रत्यक्षमहिंसाय़ाः परं मतम् |  १७   क
ऋते त्वागमशास्त्रेभ्यो व्रूहि तद्यदि पश्यसि ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति